उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों में बढ़ रहा मानसून, इन जगहों पर हो सकती है बारिश
उत्तर प्रदेश में इस बार भले ही थोड़ा लेट ही सही लेकिन मानसून की एंट्री हो चुकी है। जिसकी रफ्तार कुछ कम पड़ गई थी। जहां अब एक बार फिर मानसून तेजी पकड़ने जा रहा है। जहां उत्तर प्रदेश के झांसी, प्रयागराज, बरेली, गोरखपुर, मेरठ के साथ पूर्वी प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है। वहीं, मौसम विभाग के अनुसार इन इलाकों में अच्छी खासी बारिश हो सकती है।
रविवार को नहीं हुई बारिश
क्योंकि अब मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। बता दें कि सीतापुर में रविवार के दिन हुई बारिश के चलते अलग-अलग स्थानों पर दंपति समेत चार लोगों की मौत हो गई और 9 लोग घायल हो गए। जिसे देखते हुए सरकार ने इस हादसे में मृतकों के परिजनों को चार लाख मुआवजा देने की घोषणा की है। मौसम विभाग की मानें तो शनिवार के दिन राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश तो हुई लेकिन रविवार के दिन उसके मुकाबले बारिश नहीं हुई।
लोगो को करना पड़ा उमस का सामना
जानकारी के लिए बता दें कि रविवार के दिन सुबह करीब 8:00 बजे से ही एक दो जिलों को छोड़कर कहीं बारिश नहीं देखी गई। जिससे राज्य में रविवार के दिन भारी उमस लोगो को सामना करना पड़ा। जिसके चलते तापमान में भी 1 डिग्री सेल्सियस बढ़ा। मौसम विभाग के अनुसार रविवार के दिन सबसे ज्यादा 10 मिली मीटर बारिश सूरत में रिकार्ड की गई। वहीं, बात करें झांसी और गोरखपुर की तो यहां न के बराबर बौछारें पड़ी। लखनऊ, आगरा, लखीमपुर, फैजाबाद, बाराबंकी, कानपुर, गोरखपुर और बांदा जिले में बस बादलों की आवाजाही लगी। यहां इंद्रदेव रूठे रहे।
खास बात
बता दें कि गोरखपुर और आसपास के जिले में 29 जून से शुरू हुई बारिश के चलते इसका असर नदियों के जलस्तर पर भी देखने को मिला है। रविवार के दिन सुबह सरयू को छोड़कर बाकी नदियों का जलस्तर शनिवार की तुलना में नीचे उतरा। जहां राप्ती, बूढ़ी राप्ती, सरयू, गंडक, गोर्रा, बानगंगा आदि सभी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से फिलहाल खतरे के नीचे है। वहीं, संत कबीर नगर में सरयू और राप्ती नदी का जलस्तर में बढ़ोत्तरी हुई है। तो वहीं, कुआनो नदी का जलस्तर घटा है।

